कोयंबटूर के चार्टर्ड अकाउंटेंट विकास कुमार ने देसी आइडिया से करोड़ों की कमाई कर दिखाई। अपने बेटे के लिए केमिकल-फ्री स्विमिंग पूल की तलाश में उन्होंने नया रास्ता चुना। शहर के पूल में क्लोरीन से त्वचा और बालों को नुकसान होता था, इसलिए विकास ने गांव के तालाबों से प्रेरणा ली और बिना सीमेंट या केमिकल के नेचुरल स्विमिंग पूल बनाया। 🌿
विकास ने तमिलनाडु के पोल्लाची में अपने फार्महाउस पर पहला सेल्फ-क्लीनिंग पूल बनाया। कई महीनों की रिसर्च के बाद, उन्होंने बायोस्फीयर कंपनी शुरू की। यह कंपनी भारतीय जलवायु और स्थानीय सामग्री से इको-फ्रेंडली पूल बनाती है। इन पूल में बजरी, जलीय पौधे और बैक्टीरिया प्राकृतिक फिल्टर की तरह काम करते हैं, जिससे केमिकल या पानी बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। 🏊♂️
यह शौक जल्द ही बिजनेस बन गया। आज बायोस्फीयर पूरे भारत में रिसॉर्ट्स, फार्महाउस और इको-फ्रेंडली घरों के लिए पूल बनाती है। एक पूल बनाने में 45 दिन लगते हैं और इसे झरनों या तालाबों की तरह कस्टमाइज किया जा सकता है। कम मेंटेनेंस और पर्यावरण के अनुकूल होने से यह पूल खास हैं। विकास का बिजनेस अब हर साल 3 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा रहा है। 💪
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